रिमझिम-रिमझिम बारिश आई...

 



*

घन गरजे अंधियारी छाई,

बिजली अम्बर पर इठलाई  

बूँदें टपकी टप-टप भाई

रिमझिम रिमझिम बारिश आई

*

पत्ते खड़के भीगे लरजे

चिड़िया सहमी बादल गरजे,

कुत्ते दुबके गैया भागी

इक नन्हीं सी गुड़िया जागी

सुनकर उसकी तेज रुलाई

रिमझिम रिमझिम बारिश आई

*

सड़कों से बह निकला पानी

राहगीरों ने छतरी तानी,

छप-छप करते कदम बढ़ाते

ठोकर खाते गिरते जाते

बूँदें ले आयीं कठिनाई

रिमझिम-रिमझिम बारिश आई

*

बनकर वैद्य टटोले नाड़ी

गड्ढ़े में  जा  बैठी  गाड़ी

उफनाया  है  सूखा नाला

फूट गया जो बाँधा पाला

हर छोटी नाली उफनाई

रिमझिम-रिमझिम बारिश आई।

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अशोक रक्ताले ‘फणीन्द्र’

उज्जैन

९४२४८४३९४२

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